दोस्तों ने कर दी अपहृत युवक की हत्या, कानपुर पुलिस पर फिर उठे सवाल

करीब महीने भर पहले अपहृत पैथोलॉजी कर्मी संजीत यादव की दोस्तों ने ही हत्या कर दी और शव को नदी में फेंक दिया। गुरुवार रात पुलिस ने दो दोस्तों समेत चार युवकों और एक युवती को हिरासत में लिया है। पूछताछ में आरोपितों ने 26 जून को ही हत्या करके शव पांडु नदी में बहाया जाना कबूल किया है। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने संजीत की बाइक बरामद कर ली है। पीएसी ने पांडु नदी के किनारे शव की घंटों तलाश की। शव नहीं मिलने पर देर रात पीएसी की एक मोटर बोट मंगाकर तलाशी शुरू कराई गई।

पुलिस के मुताबिक बर्रा-5 एलआइजी कॉलोनी निवासी 27 वर्षीय संजीत यादव का अपहरण 26 जून की रात दोस्तों ने पैथोलॉजी जाते समय किया था। वह बर्रा की एक दूसरी पैथोलॉजी में काम करता था। साथ नौकरी करने वाले दो युवकों से उसकी दोस्ती हो गई। बताते हैैं कि इनसे ही 22 जून की रात बर्रा-2 में मुलाकात हुई थी। कॉल डिटेल से इसकी पुष्टि के बाद पूछताछ में पुलिस को कई सुराग मिले।

सूत्र बताते हैैं कि पूछताछ में दोनों दोस्तों ने बताया है कि संजीत का अपहरण पैसे के लालच में किया था। उसकी अपनी पैथोलॉजी लैब खोलने की योजना थी। कुछ पैसा जुटाने और जरूरत पर गांव की जमीन गिरवी रखकर बैंक से लोन लेने की बात बताई थी। इसी से संजीत का अपहरण करके फिरौती मांगने का ख्याल आया। उन्होंने दो अन्य साथियों की मदद से प्लान बनाया। सचेंडी की दुकान से दो सिमकार्ड खरीदे और फोन करके 30 लाख रुपये की मांग की।