आत्मकल्याण एवं प्राणी मात्र की रक्षा के लिए चातुर्मास करते हैं जैन मुनि

सागर। प्राचीन जैन मंदिर में मुनिश्री अभयसागर महाराज, प्रभातसागर महाराज एवं निरीहसागर महाराज के चातुर्मास के…