राष्ट्रपति के अपमान पर योगी ने दिया मायावती का साथ

लखनऊ :उत्तर प्रदेश की पूर्व  मुख्यमंत्री मायावती के तेवर इन दिनो खाफी तल्ख दिख रहे हैं और सीएम योगी के सुर में सुर मिलाकर मायावती अब जंग के अखाड़े में कूदने की तैयारी कर रही हैं। वैसे तो राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू का जिन जिन लोगों ने विरोध किया उनको सबक सिखाने की तैयारी है लेकिन पहला निशाना कांग्रेस पार्टी को बताया जा रहा है। दरअसल राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपत्नी कहा था। जिसके बाद ये नई सियासी जंग तेज हुई है।

देश की पहली आदिवासी महिला द्रोपदी मुर्मू के अपमान को मायावती अपना अपमान समझती हैं और इसीलिए वो अब काफी तल्ख दिख रही है। अधीर रंजन के बयान के बाद जब सोनिया गांधी से स्मृति इरानी ने बात करने की कोशिश की थी तब सोनियां गांधी ने डोन्ट टॉक टू मी का जवाब दिया था। जिसके बाद तो हंगामा और ज्यादा बरप गया।

मायावती ने जब ये बयान सुना तो सीधे सीधे कांग्रेस के खिलाफ उन्होंने मोर्चा खोल दिया और कहा कि भारत के सर्वोच्च राष्ट्रपति पद पर आदिवासी समाज की पहली महिला के रूप में द्रौपदी मुर्मू जी का शानदार निर्वाचन बहुत लोगों को पसंद नहीं। इसी क्रम में लोकसभा में कांग्रेस के नेता श्री अधीर रंजन चौधरी द्वारा उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करना अति-दुःखद, शर्मनाक व अति-निन्दनीय…अर्थात इनके द्वारा माननीया राष्ट्रपति जी को टीवी पर ’राष्ट्रपत्नी  कहने का विरोध करते हुए संसद की कार्यवाही भी आज बाधित हुई है। उचित होगा कि कांग्रेस पार्टी भी इसके लिए देश से माफी माँगे तथा अपनी जातिवादी मानसिकता का परित्याग करे।

मायावती ने जैसे ही ट्वीट कर अपना गुस्सा जाहिर किया तो फिर सीएम योगी की तरफ से भी तुरंत बयान सामने आ गया और बयान में उन्होंने कहा कि अधीर रंजन चौधरी का बयान भारत के संविधान और मातृशक्ति का अपमान है। साथ ही सीएम योगी ने कहा कि ये बयान भारत के जनजातीय समाज का भी अपमान है। द्रोपदी को बीजेपी ने राष्ट्रपति जरूर बनाया है लेकिन मायावती भी द्रोपदी मुर्मू को ही राष्ट्रपति बनाना चाहती थी और इसी लिए वो अब खुलकर कांग्रेस के खिलाफ हैं और राष्ट्रपति के अपमान पर कांग्रेस को घेर रही है।

द्रोपदी मुर्मू के अपमान के मामले को मायावती ने पिछड़ो और आदिवासियों के अपमान से जोड़कर एक नई जंग छेड़ दी है और सीएम योगी के साथ आ खड़ी हुई हैं…देखना ये है कि मायावती ने जो मोर्चा खोला है उसका क्या असर दिखने वाला है और नतीजा क्या निकलकर सामने आएगा। फिलहाल तो सियासी हंगामा बरपा हुआ है।